पौड़ी। अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से जुड़ी 25 शिकायतें दर्ज हुईं। अधिकारियों ने अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में ग्राम स्वीत निवासी उषा देवी ने क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर के पुनर्निर्माण और स्वीत-गहड़ मोटर मार्ग के डामरीकरण की मांग रखी। इस पर लघु सिंचाई और लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
वहीं वार्ड-4 के राजेंद्र शाह, ग्वाड़ के महावीर सिंह, जसकोट के भीम सिंह रावत और धूलेत के ग्रामीणों ने पेयजल समस्या से अवगत कराया। अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर नियमित पेयजल आपूर्ति और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
वार्ड-4 के सभासद अरविंद रावत ने डीएवी स्कूल के पास सड़क पर झुके पेड़ से दुर्घटना की आशंका जताई, जबकि भैंसवाड़ा के राजपाल सिंह रावत ने वनाग्नि से क्षतिग्रस्त फलदार पेड़ों के मुआवजे की मांग की। दोनों मामलों में वन विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोक सिंह रावत ने मानव-वन्यजीव संघर्ष को देखते हुए वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 में संशोधन और फल-सब्जी विक्रेताओं के लिए रेट लिस्ट अनिवार्य करने की मांग रखी। इस पर जिला पूर्ति अधिकारी और नगर पालिका को नियमानुसार परीक्षण कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा सड़क मरम्मत, सुरक्षा कार्य, भूमि सीमांकन और अतिक्रमण हटाने से संबंधित मामलों पर भी प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम के दौरान कल्जीखाल ब्लॉक के ग्राम सूला निवासी रजनी देवी की पेयजल समस्या का तत्काल समाधान किया गया। जल संस्थान ने बताया कि पाइपलाइन का कंट्रोलर (फैरूल) चोक होने से 3-4 परिवारों की जलापूर्ति बाधित थी, जिसे विभागीय फिटर ने तुरंत ठीक कर पानी की आपूर्ति बहाल कर दी।
बैठक में डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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