मध्य प्रदेश

25 साल पुरानी डीआर मंजूरी की बाध्यता खत्म, अब मध्यप्रदेश के पेंशनर्स को समय पर मिलेगी महंगाई राहत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन ने मुलाकात कर 25 साल पुरानी डीआर मंजूरी की बाध्यता समाप्त करने के फैसले पर आभार जताया। अब मध्यप्रदेश

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admin
2026-07-23
25 साल पुरानी डीआर मंजूरी की बाध्यता खत्म, अब मध्यप्रदेश के पेंशनर्स को समय पर मिलेगी महंगाई राहत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
25 साल पुरानी डीआर मंजूरी की बाध्यता खत्म, अब मध्यप्रदेश के पेंशनर्स को समय पर मिलेगी महंगाई राहत: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन ने मुलाकात कर 25 साल पुरानी डीआर मंजूरी की बाध्यता समाप्त करने के फैसले पर आभार जताया। अब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ अपने-अपने पेंशनर्स को बिना देरी महंगाई राहत (DR) दे सकेंगे।

भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित समिति कक्ष क्रमांक-1 में शाजापुर विधायक अरुण भीमावद के नेतृत्व में शाजापुर जिले के प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के पेंशनर्स के हित में राज्य सरकार द्वारा लिए गए विभिन्न कल्याणकारी निर्णयों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) से जुड़े 25 वर्ष पुराने जटिल मसले का समाधान निकालने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। पेंशनर्स ने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर महंगाई राहत का लाभ मिल सकेगा और वर्षों से चली आ रही प्रशासनिक देरी समाप्त होगी।

25 साल पुरानी व्यवस्था से होती थी देरी

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभाजन के समय दोनों राज्यों के बीच हुए समझौते के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा महंगाई भत्ता (Dearness Allowance-DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief-DR) घोषित किए जाने के बाद दोनों राज्यों को अपने-अपने पेंशनर्स के लिए डीआर लागू करने से पहले एक-दूसरे की सहमति लेना अनिवार्य था।

इस प्रक्रिया के कारण महंगाई राहत जारी करने में कई बार महीनों की देरी हो जाती थी, जिससे पेंशनर्स को आर्थिक नुकसान और अनावश्यक इंतजार का सामना करना पड़ता था।

अब बिना देरी मिलेगी महंगाई राहत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार के बीच इस विषय पर सहमति बन गई है। अब दोनों राज्य सरकारें एक-दूसरे की मंजूरी का इंतजार किए बिना अपने-अपने पेंशनर्स को केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई राहत समय पर प्रदान कर सकेंगी।

इस फैसले से भविष्य में पेंशनर्स को डीआर जारी होने में अनावश्यक विलंब नहीं होगा और उन्हें महंगाई राहत का लाभ शीघ्र मिल सकेगा।

पेंशनर्स ने जताया आभार

प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस निर्णय को पेंशनर्स के हित में ऐतिहासिक कदम बताते हुए उनका आत्मीय अभिनंदन किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यह फैसला लाखों पेंशनर्स को राहत देने वाला है और लंबे समय से लंबित समस्या का स्थायी समाधान साबित होगा।

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