उत्तराखंड

निर्जला एकादशी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

हरिद्वार। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा तटों पर सुबह से ही भक्तों का आना-जाना लगा रहा और पूरे शहर मे

AD
admin
2026-06-25
निर्जला एकादशी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
निर्जला एकादशी पर हरिद्वार में उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी

हरिद्वार। निर्जला एकादशी के पावन पर्व पर धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। गंगा तटों पर सुबह से ही भक्तों का आना-जाना लगा रहा और पूरे शहर में भक्ति, आस्था तथा धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की तथा दान-पुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

निर्जला एकादशी के अवसर पर हरकी पैड़ी समेत विभिन्न गंगा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे भक्तों ने मां गंगा में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु का पूजन किया और सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की।

पर्व के दौरान घाटों पर धार्मिक माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने जरूरतमंद लोगों को जल, फल, वस्त्र और अन्य उपयोगी सामग्री का दान किया। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत सभी एकादशियों के समान फल प्रदान करने वाला माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन व्रत, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ व्रत रखकर भगवान विष्णु की आराधना की।

वहीं, पर्व के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रमुख घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए, जिससे लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

Enjoying this post?

Subscribe to Janhitmail to get deep dives like this delivered directly to your inbox .

AD

admin

Editor in Chief

Janhitmail Editorial Team & Administrator.

More from Janhitmail

No other posts found.