छत्तीसगढ़ में संभावित अल्प वर्षा और अल-नीनो के प्रभाव को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों से मौसम के अनुरूप खेती करने की अपील की है। कृषि विभाग ने ऐसी रणनीति अपनाने पर जोर दिया है, जिससे कम बारिश की स्थिति में भी फसलों का उत्पादन प्रभावित न हो।
सरकार ने किसानों को धान की पारंपरिक रोपा पद्धति के बजाय सीधी बुवाई (डीएसआर) अपनाने, कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों का चयन करने और दलहन-तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलों की खेती बढ़ाने की सलाह दी है। इसके साथ ही वर्षा जल संरक्षण, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक उपयोग और ड्रिप व स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने पर भी बल दिया गया है।
कृषि विभाग का कहना है कि समय रहते वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाकर किसान मौसम की अनिश्चितता से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर किसानों को कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्रों से तकनीकी सलाह लेने की भी अपील की गई है।
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