पटना: जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना या सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में सार्थक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है, जब मतदाता जाति, धर्म, दलगत निष्ठा और व्यक्तिपूजा से ऊपर उठकर योग्य उम्मीदवारों का चयन करें।
सोमवार को मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज की स्थापना बिहार की राजनीतिक संस्कृति बदलने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले तीन वर्षों से पूरे राज्य में लगातार अभियान चलाने के बावजूद उनकी पार्टी को अभी तक अपेक्षित जनसमर्थन नहीं मिला है।
उन्होंने कहा, “अगर लोग वास्तव में बदलाव चाहते हैं तो उन्हें नए विकल्प को वोट देना होगा। नई राजनीतिक व्यवस्था तभी स्थापित होगी, जब जनता बदलाव के पक्ष में मतदान करेगी।”
चुनावी हार पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि असफलताओं से उनका अभियान नहीं रुकेगा। “हार तभी होगी जब मैं प्रयास करना छोड़ दूं। चुनाव हारने के बाद भी न मैंने और न ही जन सुराज ने बिहार छोड़ा। हम लगातार लोगों के बीच रहकर काम कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
आगामी 30 जुलाई को होने वाले बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा कि जीत और हार का फैसला पूरी तरह जनता के हाथ में है। उन्होंने कहा कि उनकी जिम्मेदारी ईमानदारी से जनता के सामने एक विकल्प प्रस्तुत करना है, जबकि अंतिम निर्णय मतदाता करेंगे।
भाजपा विधायक रहे नितिन नबीन के इस्तीफे से खाली हुई बांकीपुर सीट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यदि भाजपा चाहती तो नितिन नबीन विधायक बने रह सकते थे। उनके अनुसार, राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी मिलने के बाद विधानसभा सदस्यता छोड़ना अनिवार्य नहीं था।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यह उपचुनाव भाजपा सरकार और उसके नेतृत्व के प्रति जनता की राय जानने का अवसर होगा। उन्होंने कहा कि मतदाता इस चुनाव के जरिए यह भी तय करेंगे कि वे मौजूदा नेतृत्व और सरकार की नीतियों का समर्थन करते हैं या नहीं।
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर ने रविवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। उन्होंने इस चुनाव को राज्य की भाजपा नीत सरकार के प्रदर्शन पर “जनमत संग्रह” बताते हुए क्षेत्र के मतदाताओं से बदलाव के पक्ष में मतदान करने की अपील की। बांकीपुर सीट वर्ष 2006 से भाजपा के नितिन नबीन के पास थी। उनके राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई है। इस सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान 30 जुलाई को होगा।
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