झारखण्ड

झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बड़ा संकेत, 2029 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के दिए संकेत

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा वर्ष 2029 का विधानसभा चुनाव लड़ने क

AD
admin
2026-07-12
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बड़ा संकेत, 2029 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के दिए संकेत
झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर का बड़ा संकेत, 2029 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के दिए संकेत

रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा वर्ष 2029 का विधानसभा चुनाव लड़ने की नहीं है। लंबे राजनीतिक जीवन के बाद अब वह सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाकर समाजसेवा, लेखन और देशभर की यात्रा करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व की इच्छा और पार्टी की जरूरतों के अनुरूप ही लिया जाएगा।

हाल ही में अपनी सरकारी सुरक्षा वापस किए जाने को लेकर चर्चा में रहे राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि उन्होंने राजनीति में लंबा समय बिताया है और अब जीवन के अगले चरण में समाज के लिए दूसरे तरीकों से योगदान देने की इच्छा रखते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ने की उनकी व्यक्तिगत इच्छा नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी यदि उन्हें कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपती है तो वह परिस्थितियों के अनुसार उस पर विचार करेंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस के एक समर्पित कार्यकर्ता हैं और पार्टी नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi या अन्य शीर्ष नेतृत्व उन्हें किसी नई भूमिका के लिए कहता है, तो वह उस समय की परिस्थितियों को देखते हुए उचित निर्णय लेंगे। फिलहाल उनकी प्राथमिकता चुनावी राजनीति से अलग होकर सामाजिक और बौद्धिक कार्यों में सक्रिय होने की है।

राधाकृष्ण किशोर ने अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए कहा कि वह मात्र 25 वर्ष की उम्र में पहली बार विधायक बने थे। वर्ष 2029 तक उनकी सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा लगभग 50 वर्ष पूरी कर लेगी। उनका मानना है कि इतने लंबे अनुभव के बाद अब समय आ गया है कि वह अपने अनुभवों को लेखन और सामाजिक विमर्श के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएं।

उन्होंने वर्तमान राजनीतिक माहौल पर भी चिंता व्यक्त की। उनके अनुसार आज देश में धर्म और जाति के आधार पर वोट बैंक की राजनीति लगातार बढ़ रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह इस विषय पर विस्तार से लिखना चाहते हैं कि पहचान आधारित राजनीति किस प्रकार लोकतंत्र और समाज पर प्रभाव डाल रही है।

वित्त मंत्री ने धर्म परिवर्तन के मुद्दे का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कई लोग सामाजिक, आर्थिक या अन्य मजबूरियों के कारण अपना धर्म बदलते हैं। ऐसे मामलों के पीछे मौजूद वास्तविक परिस्थितियों और कारणों का गंभीर अध्ययन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि केवल राजनीतिक बहस से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि तथ्यों और शोध के आधार पर समाज के सामने वास्तविक तस्वीर रखी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि वह सक्रिय चुनावी राजनीति से अलग होते हैं तो अपना अधिक समय लेखन, सामाजिक अध्ययन, जनसेवा और देश के विभिन्न हिस्सों की यात्रा में लगाना चाहेंगे, ताकि अपने अनुभवों के आधार पर समाज और लोकतंत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक योगदान दे सकें।

Enjoying this post?

Subscribe to Janhitmail to get deep dives like this delivered directly to your inbox .

AD

admin

Editor in Chief

Janhitmail Editorial Team & Administrator.

More from Janhitmail

No other posts found.