भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 10 लाख 54 हजार किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 की दावा राशि 1,460 करोड़ 25 लाख रुपये सिंगल क्लिक के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित की। जगदीशपुर में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने यह राशि किसानों के खातों में जारी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना प्रभावी सुरक्षा कवच का काम कर रही है।
मुख्य बातें (Highlights)
- 10.54 लाख किसानों के खातों में पहुंचे 1,460.25 करोड़ रुपये।
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2025 की दावा राशि जारी।
- मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक से राशि की ट्रांसफर।
- किसानों से समय सीमा के भीतर फसल बीमा कराने की अपील।
- 2016 से अब तक किसानों को 30,942 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान।
किसानों के हित में सरकार प्रतिबद्ध
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह संवेदनशील हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और कृषि को सुरक्षित एवं लाभकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अल-नीनो को देखते हुए दी महत्वपूर्ण सलाह
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष अल-नीनो के प्रभाव के कारण सामान्य से कम वर्षा की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि—
- अधिसूचित फसलों का बीमा अंतिम तिथि से पहले अवश्य कराएं।
- समय पर बीमा कराने से प्राकृतिक आपदा की स्थिति में आर्थिक सहायता प्राप्त होगी।
- फसल बीमा किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य करता है।
2016 से अब तक 30,942 करोड़ रुपये का भुगतान
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2016-17 से 2024-25 तक प्रदेश के प्रभावित किसानों को 30,942 करोड़ 34 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से लाखों किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई में मदद मिली है।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के अनुसार इस भुगतान से—
- प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी।
- कृषि कार्यों के लिए पूंजी उपलब्ध होगी।
- किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
- कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
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