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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 13% बढ़ा, पहली तिमाही में 1,324 करोड़ रुपये का लाभ

एनपीए घटा, मुनाफा बढ़ा; सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नतीजों ने किया प्रभावित नई दिल्ली। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के

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admin
2026-07-17
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 13% बढ़ा, पहली तिमाही में 1,324 करोड़ रुपये का लाभ
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का मुनाफा 13% बढ़ा, पहली तिमाही में 1,324 करोड़ रुपये का लाभ

एनपीए घटा, मुनाफा बढ़ा; सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नतीजों ने किया प्रभावित

नई दिल्ली। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक ने इस दौरान मुनाफे में दोहरे अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की है। बेहतर ब्याज आय, घटते एनपीए और कम प्रावधान के चलते बैंक का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत रहा, जिससे उसकी बैलेंस शीट पहले की तुलना में और अधिक सुदृढ़ दिखाई दे रही है।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से जारी वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 को समाप्त तिमाही में बैंक का शुद्ध लाभ बढ़कर 1,324 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 1,169 करोड़ रुपये था। इस तरह बैंक के मुनाफे में करीब 13 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।

आय और ब्याज कमाई में सुधार

बैंक की कुल आय में भी इस तिमाही के दौरान बढ़ोतरी देखने को मिली। अप्रैल-जून 2026 में बैंक की कुल आय 10,678 करोड़ रुपये रही, जबकि एक साल पहले यह 10,360 करोड़ रुपये थी। वहीं, कर्ज पर मिलने वाली ब्याज आय बढ़कर 9,691 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 8,589 करोड़ रुपये थी। इससे स्पष्ट है कि बैंक के ऋण कारोबार में मजबूती बनी हुई है।

परिचालन लाभ में हल्की गिरावट

हालांकि बैंक के परिचालन लाभ में मामूली कमी दर्ज की गई। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में परिचालन लाभ 2,186 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 2,304 करोड़ रुपये था। इसके बावजूद बैंक ने लागत नियंत्रण और प्रावधान में कमी के जरिए शुद्ध लाभ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हासिल की।

एनपीए में सुधार से मिली बड़ी राहत

बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया है। जून 2026 के अंत तक ग्रॉस एनपीए घटकर 2.60 प्रतिशत रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह 3.13 प्रतिशत था। वहीं, नेट एनपीए 0.49 प्रतिशत पर स्थिर बना रहा। खराब ऋणों में कमी आने से बैंक को प्रावधान घटाने में मदद मिली। इस दौरान प्रावधान 468 करोड़ रुपये से घटकर 346 करोड़ रुपये रह गया, जिससे मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ा।

पूंजी स्थिति हुई और मजबूत

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) भी मजबूत हुआ है। जून 2026 तिमाही के अंत तक यह बढ़कर 18.28 प्रतिशत पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 17.66 प्रतिशत था। इससे बैंक की वित्तीय क्षमता और भविष्य में कारोबार विस्तार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

सकारात्मक संकेत

पहली तिमाही के नतीजे बताते हैं कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया लगातार अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत कर रहा है। मुनाफे में बढ़ोतरी, बेहतर ब्याज आय, घटते एनपीए और मजबूत पूंजी आधार बैंक के प्रदर्शन के सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि परिचालन लाभ में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन कुल मिलाकर बैंक का वित्तीय प्रदर्शन निवेशकों और बाजार के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है।

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