लखनऊ: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रविवार को लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित अपने पिता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपने पिता के संघर्ष, विचारों और राजनीतिक विरासत को याद करते हुए भावुक संबोधन दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश और बिहार से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
कार्यक्रम स्थल पर चिराग पासवान के पहुंचते ही समर्थकों ने जोरदार नारों के साथ उनका स्वागत किया। पूरे परिसर में उनके समर्थन में नारे गूंजते रहे, जबकि चिराग ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन स्वीकार किया।
अपने संबोधन में चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता की सीख और सिद्धांत आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति और समाज सेवा का जो दृष्टिकोण उन्हें रामविलास पासवान से मिला, वही उनके सार्वजनिक जीवन की आधारशिला है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे मिलकर उनके पिता के अधूरे सपनों और संकल्पों को पूरा करने के लिए काम करें।
इस अवसर पर पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और जमुई सांसद अरुण भारती ने भी रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा गरीबों, किसानों, मजदूरों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की मजबूती से आवाज उठाई। उनके अनुसार, रामविलास पासवान की राजनीति का केंद्र समाज के कमजोर तबकों का उत्थान था।
अपने भाषण के दौरान चिराग पासवान ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दलों ने समाज को विभाजित करने की राजनीति की, जबकि उनकी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने में विश्वास रखती है।
चिराग पासवान ने अपने पिता की दूरदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मोबाइल फोन आम लोगों की पहुंच से बाहर था, तब रामविलास पासवान ने सपना देखा था कि देश के हर व्यक्ति के हाथ में मोबाइल होगा। उन्होंने कहा कि आज तकनीक गांव-गांव तक पहुंच चुकी है और यह उनके पिता की सोच का एक उदाहरण है।
कार्यक्रम के अंत में चिराग पासवान ने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत बनाने और रामविलास पासवान के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को साथ लेकर समावेशी विकास की राजनीति को आगे बढ़ाना है। इस आयोजन के जरिए रामविलास पासवान के योगदान को याद करने के साथ-साथ उनके सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया गया।
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