रामपुर: उत्तर प्रदेश की रामपुर पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना पटवाई पुलिस ने सोहना पुल के पास चेकिंग के दौरान एक लग्जरी थार गाड़ी से तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मोबाइल फोन में खतरनाक एपीके (APK) फाइल भेजकर लोगों का डेटा और बैंक खाता हैक कर लेते थे। पुलिस ने इनके पास से ₹7.5 लाख नकद, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात पटवाई थाना पुलिस को मुखबिर से गाड़ी में साइबर अपराधियों के घूमने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सोहना पुल पर घेराबंदी कर एक थार गाड़ी को रोका। गाड़ी में सवार आरोपियों की पहचान प्रहलाद सिंह (निवासी काशीराम नगर, मुरादाबाद), विवेक कुमार और हरविंदर सिंह (दोनों निवासी ग्राम बेनजीर, रामपुर) के रूप में हुई है।
आरोपियों की कार की तलाशी लेने पर पुलिस को ₹7,50,000 नकद, एक डेल लैपटॉप, पेटीएम स्वाइप मशीन, 6 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की 6 फर्जी मोहरें, 4 बिल बुक, अलग-अलग बैंकों के 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, 4 पासबुक सहित पासपोर्ट और अन्य जरूरी पहचान पत्र बरामद हुए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के इस खेल का पूरा तरीका कबूला:
APK फाइल से हैकिंग: आरोपी आकर्षक बहानों और लालच भरे मैसेज के जरिए लोगों के मोबाइल पर एंड्रायड पैकेज किट (APK) फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित इसे डाउनलोड करता, उनका फोन हैक हो जाता था और आरोपी नेट बैंकिंग का एक्सेस हासिल कर लेते थे।
गरीबों के खातों का इस्तेमाल: ठगी की रकम को छिपाने के लिए ये आरोपी गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर करंट और बिजनेस अकाउंट खुलवाते थे।
टैक्स बचाने का बहाना: खाताधारकों को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताते थे और कहते थे कि वे टैक्स बचाने के लिए इन खातों का उपयोग कर रहे हैं। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर इन खातों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखते थे। यहां तक कि वे ओटीपी (OTP) के लिए संबंधित सिम कार्ड और हस्ताक्षरित चेकबुक भी अपने पास ही रखते थे।
पटवाई थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितने करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है।
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