हल्द्वानी। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंगलवार को सर्किट हाउस हल्द्वानी में विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शिता के साथ पहुंचे और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में डीएम ने जिला, राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं के साथ 20-सूत्री और 25-सूत्री कार्यक्रमों की सेक्टरवार समीक्षा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आवंटित धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित उद्देश्य के लिए किया जाए। खराब गुणवत्ता मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं से वसूली की जाएगी।
मानसून को पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय बताते हुए डीएम ने वन, कृषि, उद्यान, सहकारिता और विकास विभाग को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कृषि यंत्र उपलब्ध कराने तथा सिंचाई नहरों और गूलों की समय पर मरम्मत कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान बेतालघाट में 90 लाख रुपये की लागत से बनी ट्रॉली का संचालन अब तक शुरू नहीं होने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
उरेडा विभाग को निर्देशित किया गया कि इस वर्ष मिलने वाली सोलर लाइटें मानव-वन्यजीव संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों, जंगलों से सटे गांवों और शैडो एरिया वाले इलाकों में प्राथमिकता के आधार पर लगाई जाएं।
20-सूत्री और 25-सूत्री कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान डीएम ने डी श्रेणी में चल रहे विभागों को विशेष प्रयास कर ए श्रेणी में लाने, लाभार्थी चयन में पारदर्शिता बरतने और शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को अगले 15 दिनों के भीतर लंबित कार्यों का निस्तारण कर कारण सहित आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अगली समीक्षा बैठक में सभी अधिकारी अद्यतन आंकड़ों और साक्ष्यों के साथ उपस्थित रहें।
Enjoying this post?
Subscribe to Janhitmail to get deep dives like this delivered directly to your inbox .