डीएम ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही बारिश के चलते स्यानाचट्टी क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित इलाकों का प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की समीक्षा की और यातायात व्यवस्था को जल्द सामान्य बनाने के लिए जरूरी निर्देश दिए।
स्यानाचट्टी में भूस्खलन के बाद उत्पन्न हालात का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल करने के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की संसाधनों की कमी नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें। साथ ही यमुना नदी पर बन रहे पुल का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए एक सप्ताह के अंदर कार्य समाप्त करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा प्रशासन की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित विभागों से राहत, बचाव और पुनर्स्थापना के कार्यों में तेजी लाने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी बनाए रखने को कहा।
डीएम ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को ट्रांसशिपमेंट व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और सुचारु बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने वैकल्पिक पैदल मार्ग पर जोखिम वाले स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा। इसके तहत रस्सियां, सोलर लाइट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ताकि यात्रियों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
इस दौरान जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग द्वारा यमुना नदी में किए जा रहे चैनलाइजेशन कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नदी के प्रवाह को सुचारु बनाए रखने, गढ़गाड़ क्षेत्र से मलबा तेजी से हटाने और कार्य में अतिरिक्त मशीनें लगाने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र में राहत, सुरक्षा और यातायात बहाली के कार्य प्राथमिकता के आधार पर लगातार जारी रहेंगे।
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