उत्तराखंड

रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा, आरोपी अमन अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार

रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा, आरोपी अमन अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार देहरादून। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे "ऑपरेशन प्रहार" के तहत दून पुलिस क

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admin
2026-06-10
रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा, आरोपी अमन अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार
रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा, आरोपी अमन अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार

रंगदारी और फायरिंग कांड का खुलासा, आरोपी अमन अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार

देहरादून। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत दून पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली प्रेमनगर पुलिस ने रंगदारी मांगने और जानलेवा फायरिंग की घटना में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार 25 मई 2026 को लक्ष्मीपुर प्रेमनगर निवासी सीमा राजपूत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों द्वारा उनके पति संजय कुमार से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई और पैसे न देने पर उनके घर पर फायरिंग कर जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने 9 जून को मुख्य आरोपी अमन (25 वर्ष), निवासी नालापानी, देहरादून को बिधौली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 315 बोर का देसी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
जेल से रची गई थी रंगदारी की साजिश

पूछताछ में सामने आया कि अमन की मुलाकात जेल में हत्या के मामले में बंद अर्जुन और संजय राजपूत से हुई थी। बाद में अर्जुन ने अपने सहयोगियों विकास बलारा और दीपिका के साथ मिलकर संजय राजपूत से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की योजना बनाई। आरोप है कि रकम न मिलने पर 20 मई की सुबह संजय राजपूत के घर पर धमकी भरा पत्र फेंका गया और फायरिंग की गई।

आपराधिक इतिहास भी लंबा

गिरफ्तार आरोपी अमन के खिलाफ हत्या, एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। वह पूर्व में दो हत्या के मामलों और मादक पदार्थ तस्करी के मामले में जेल जा चुका है।
तीन आरोपी अभी भी वांछित

मामले में अर्जुन (वर्तमान में जिला कारागार देहरादून में निरुद्ध), विकास बलारा और दीपिका को भी नामजद किया गया है। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।

बरामदगी

01 देसी तमंचा (315 बोर)
02 जिंदा कारतूस (315 बोर)

पुलिस टीम

प्रभारी निरीक्षक नरेश राठौड़ के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सत्येंद्र सिंह, कांस्टेबल अरशद, पंकज, रविशंकर तथा एसओजी के हेड कांस्टेबल किरण कुमार की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

दून पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ “ऑपरेशन प्रहार” के तहत सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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