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उत्तराखंड रजत जयंती, इस बार ‘हरेला’ पर सजेगा धरा का श्रृंगार, देहरादून में लगेंगे 15.50 लाख पौधे!

ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बनेंगे ‘क्वालिटी फॉरेस्ट’, मॉनिटरिंग के लिए बनेगा ‘हरित कंट्रोल रूम’ 16 जुलाई से एक माह तक चलेगा हरेला पर्व, थीमैटिक पौधरोपण से

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admin
2026-06-30
उत्तराखंड रजत जयंती, इस बार ‘हरेला’ पर सजेगा धरा का श्रृंगार, देहरादून में लगेंगे 15.50 लाख पौधे!
उत्तराखंड रजत जयंती, इस बार ‘हरेला’ पर सजेगा धरा का श्रृंगार, देहरादून में लगेंगे 15.50 लाख पौधे!

ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बनेंगे ‘क्वालिटी फॉरेस्ट’, मॉनिटरिंग के लिए बनेगा ‘हरित कंट्रोल रूम’

16 जुलाई से एक माह तक चलेगा हरेला पर्व, थीमैटिक पौधरोपण से ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

रस्म अदायगी नहीं, बल्कि धरती को हरा भरा बनाने को चलेगा व्यापक जन आंदोलन-डीएम

देहरादून- उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति और प्रकृति के जुड़ाव का प्रतीक ‘हरेला पर्व’ इस वर्ष ऐतिहासिक होने जा रहा है। राज्य की रजत जयंती (25वें वर्ष) के उपलक्ष्य में आगामी 16 जुलाई से शुरू होने वाला यह लोक पर्व पूरे एक माह तक बेहद खास और यादगार अंदाज में मनाया जाएगा। इस बार दून जनपद में थीमैटिक (विषय-आधारित) तरीके से विशेष प्रजातियों के पौधे लगाकर ईको-टूरिज्म को एक नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया गया है।

हरेला पर्व की भव्य तैयारियों को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष का महा-अभियान केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि धरती को हरा-भरा बनाने का एक जन-आंदोलन बनेगा।

माइक्रो लेवल पर होगी तैयारी, जुड़ेंगे नामचीन संस्थान
जिलाधिकारी ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अविलंब अपनी रोपण साइट्स का चयन कर लें। अभियान को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो ‘माइक्रो लेवल प्रबंधन’ के तहत कार्ययोजना तैयार करेगा। इस महा-अभियान में आम जनमानस के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिला समूहों और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा देश के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे आईएमए, सर्वे ऑफ इंडिया, ओएनजीसी और आईटीबीपी को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि जिले में क्षेत्र विशेष की मिट्टी के अनुकूल ‘क्वालिटी फॉरेस्ट’ (उच्च गुणवत्ता वाले वन) तैयार किए जा सकें।

’हरित कंट्रोल रूम’ रखेगा पल-पल की नजर
अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, इसके लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। महीने भर चलने वाले इस रोपण अभियान की नियमित और कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करने के लिए एक विशेष ‘हरित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।

5 साल तक होगी पौधों की देखभाल
बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले में 15.50 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि लगाए जाने वाले पौधों में 50 प्रतिशत पौधे फलदार और चारा प्रजाति के होंगे। इन पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं जाएगा, बल्कि अगले 5 वर्षों तक इनके रखरखाव और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

10 जुलाई तक पूरी करनी होंगी तैयारियां
सभी रेखीय विभागों को आगामी 10 जुलाई तक गड्ढों की खुदाई, जैविक खाद, ट्री-गार्ड और पौधों के परिवहन की सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के चार प्रभागोंकृमसूरी, कालसी, चकराता और देहरादून के माध्यम से सभी विभागों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, वैभव सिंह, मयंक कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी सहित कृषि, उद्यान, उद्योग, शिक्षा, खेल, पेयजल और सड़क विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।

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