मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को मिली धमकियों का स्वतः संज्ञान लेते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी को उसके फैसले के कारण धमकाना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर सीधा हमला है।
हाईकोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। साथ ही नर्मदापुरम पुलिस अधीक्षक को न्यायाधीश की सुरक्षा जारी रखने और धमकी देने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि न्यायाधीश तबस्सुम खान ने वर्ष 2022 के एक मॉब लिंचिंग मामले में आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें निशाना बनाते हुए धमकियां दी गई थीं।
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