नई दिल्ली: इस साल की तपती गर्मी सिर्फ मौसम का पारा ही नहीं बढ़ा रही, बल्कि आम आदमी की रसोई और मासिक बजट को भी झुलसा रही है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के ताजा आंकड़ों ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है। मई महीने में खुदरा महंगाई दर छलांग लगाकर पिछले 16 महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, सबसे तगड़ा झटका खाद्य महंगाई (Food Inflation) ने दिया है, जो अप्रैल के 4.20 फीसदी से बढ़कर मई में 4.78 फीसदी पर पहुंच गई है।
सोना-चांदी और टमाटर में ‘महंगाई का विस्फोट’
इस बार महंगाई बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह पर्सनल केयर, सोने-चांदी के गहने और रसोई की कुछ खास चीजें रही हैं। व्यक्तिगत देखभाल और सामाजिक सुरक्षा की श्रेणी में सालाना आधार पर 18.46 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इन चीजों ने जेब पर डाला डाका:
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चांदी के गहने: यहाँ महंगाई का सबसे बड़ा विस्फोट हुआ है, कीमतें सालभर में 155.23% बढ़ चुकी हैं।
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टमाटर: रसोई का बजट बिगाड़ते हुए टमाटर 48.43% महंगा हो चुका है।
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सोना, हीरा और प्लेटिनम: इनके आभूषणों की महंगाई दर 40.93% पर पहुंच गई है।
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अदरक और सूखे मेवे: अदरक 32.49% और किशमिश-मुनक्का 21.97% महंगे हो गए हैं।
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बाहर खाना और शौक: होटल-रेस्टोरेंट की सेवाएं 5.75% और पान-तंबाकू 4.83% महंगे हुए हैं।
राहत की खबर: महंगाई के इस दौर में कुछ चीजों के दाम गिरे भी हैं। आलू (-23.71%), हरी मटर (-11.47%), जीरा (-4.59%), कार-जीप (-7.19%) और मोटरसाइकिल-स्कूटर (-3.56%) सालाना आधार पर सस्ते हुए हैं।
शहरों से ज्यादा गांवों पर महंगाई की मार
ताजा आंकड़ों में एक चिंताजनक बात यह सामने आई है कि शहरों के मुकाबले ग्रामीण इलाकों में महंगाई ज्यादा है।
| क्षेत्र | सामान्य महंगाई दर | खाद्य महंगाई दर |
| ग्रामीण (Rural) | 4.25% | 4.85% |
| शहरी (Urban) | 3.53% | 4.66% |
ग्रामीण इलाकों में महंगाई बढ़ने का सीधा असर ऑटोमोबाइल, मोबाइल और रोजमर्रा के सामान (FMCG) की बिक्री पर पड़ेगा, जिससे कंपनियों के मुनाफे को चोट पहुंच सकती है।
महंगाई के टॉप-5 राज्य: तेलंगाना सबसे ऊपर, दिल्ली सबसे सुरक्षित
देश के अलग-अलग राज्यों में महंगाई का स्तर अलग रहा है। दक्षिण भारतीय राज्यों में महंगाई की तपिश सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है:
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तेलंगाना: 6.15% (सबसे ज्यादा)
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तमिलनाडु: 5.11%
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आंध्र प्रदेश: 4.90%
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कर्नाटक: 4.59%
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ओडिशा: 4.54%
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