मध्य प्रदेश

'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान बना जनआंदोलन, मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में चलाए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस का 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान जनआंदोलन का रूप ले रहा है। इंदौर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन समेत कई ज

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admin
2026-07-23
'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान बना जनआंदोलन, मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में चलाए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम
'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान बना जनआंदोलन, मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रदेशभर में चलाए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश पुलिस का ‘नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0’ अभियान जनआंदोलन का रूप ले रहा है। इंदौर, खंडवा, खरगोन, उज्जैन समेत कई जिलों में रैली, नुक्कड़ नाटक, प्रतियोगिताएं और जनसंवाद के जरिए लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया।

भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान लगातार जनसमर्थन हासिल कर रहा है। अभियान के सातवें दिन प्रदेशभर में स्कूलों, कॉलेजों, ग्राम पंचायतों, औद्योगिक क्षेत्रों, धार्मिक स्थलों, बस स्टैंडों, हाट-बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और अभिभावकों से सीधे संवाद कर नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी तथा नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प दिलाया। अभियान के तहत चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन, रंगोली, निबंध प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, मानव श्रृंखला, जागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण, डिजिटल प्रचार और सोशल मीडिया अभियान जैसे कई नवाचारों के माध्यम से लोगों तक संदेश पहुंचाया गया।

इंदौर में एलईडी स्क्रीन, रथ और बिलबोर्ड से चला संदेश

इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में एक साथ तीन जागरूकता रथ, 25 एलईडी स्क्रीन और 60 बड़े बिलबोर्ड के माध्यम से लगातार नशामुक्ति का संदेश प्रसारित किया गया। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में पेंटिंग, स्लोगन, रंगोली, कविता, निबंध और ओपन माइक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

थाना क्षेत्रों, चौराहों, बस्तियों और सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों से संवाद किया गया। सोशल मीडिया रील्स, पॉडकास्ट और मोहल्ला समिति की बैठकों के जरिए अभियान को डिजिटल और सामुदायिक स्तर पर भी प्रभावी बनाया गया।

खंडवा और खरगोन में रैली व जनसंवाद

खंडवा जिले में पुलिस ने 28 स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। शहर में संयुक्त बाइक रैली निकाली गई, जबकि स्कूलों, छात्रावासों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, बस स्टैंडों और ओंकारेश्वर क्षेत्र में जनसंवाद के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया गया।

खरगोन पुलिस ने विद्यालयों में प्रतियोगिताएं आयोजित करने के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों को ऑनलाइन नशामुक्ति शपथ दिलाई। डायल-112 वाहनों से ऑडियो जिंगल प्रसारित किए गए और नगर निगम की एलईडी स्क्रीन पर लगातार जागरूकता संदेश चलाए गए। व्यापारिक संगठनों, वाहन संघों, पत्रकारों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ा गया।

स्थानीय संस्कृति और नवाचार पर जोर

अलीराजपुर जिले में स्थानीय आदिवासी संस्कृति को अभियान से जोड़ते हुए हाट-बाजारों में पारंपरिक वेशभूषा और स्थानीय बोली में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए।

अनूपपुर में स्कूलों और कॉलेजों में पेंटिंग प्रतियोगिताएं, जागरूकता रैलियां और सामूहिक शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। बैंक, बाजार और सार्वजनिक स्थलों पर भी नागरिकों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई।

उज्जैन सेंट्रल जेल में कैदियों को किया जागरूक

पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन ने एक अनूठी पहल करते हुए भैरूगढ़ स्थित सेंट्रल जेल में करीब 300 कैदियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी और उन्हें अपराध व नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया।

वहीं RAPTC इंदौर ने रामकृष्ण मिशन स्कूल और शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या पीजी महाविद्यालय में पेंटिंग और निबंध प्रतियोगिताएं आयोजित कर विजेता विद्यार्थियों को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।

प्रदेशभर में जारी रहेगा अभियान

आगर-मालवा, अशोकनगर, उमरिया, कटनी, विदिशा, इंदौर ग्रामीण सहित अनेक जिलों में भी विद्यालयों, ग्राम सभाओं, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नवाचार अपनाकर अभियान को अधिक प्रभावी बनाया।

मध्यप्रदेश पुलिस का “नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान अब केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह समाज को नशे के खिलाफ संगठित करने वाला व्यापक जनआंदोलन बनता जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों और समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से नशामुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित मध्यप्रदेश का निर्माण करना है।

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