झारखण्ड

Jharkhand: हजारीबाग की 117.68 एकड़ विवादित जमीन पर हाईकोर्ट की रोक, 118 रैयतों को मिली बड़ी राहत

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग जिले के बरकठा अंचल स्थित मौजा बेरो कला की 117.68 एकड़ विवादित जमीन से जुड़े मामले में 118 रैयतों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने

AD
admin
2026-07-05
Jharkhand: हजारीबाग की 117.68 एकड़ विवादित जमीन पर हाईकोर्ट की रोक, 118 रैयतों को मिली बड़ी राहत
Jharkhand: हजारीबाग की 117.68 एकड़ विवादित जमीन पर हाईकोर्ट की रोक, 118 रैयतों को मिली बड़ी राहत

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने हजारीबाग जिले के बरकठा अंचल स्थित मौजा बेरो कला की 117.68 एकड़ विवादित जमीन से जुड़े मामले में 118 रैयतों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने बरही के एसडीओ द्वारा रैयतों की जमाबंदी रद्द करने के आदेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकलपीठ ने यह अंतरिम आदेश लक्ष्मण कुमार दास समेत अन्य रैयतों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद पारित किया। कोर्ट ने राज्य सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि मौजा बेरो कला की इस जमीन पर पिछले करीब 40 वर्षों से 118 रैयतों की वैध जमाबंदी दर्ज है और वे लगातार भूमि पर काबिज हैं। आरोप है कि 27 अगस्त 2024 को बरही के एसडीओ ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर इस पुरानी जमाबंदी को रद्द कर दिया और एक निजी पक्ष के नाम नई जमाबंदी दर्ज करने का आदेश जारी कर दिया।

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को यह भी बताया कि इस जमीन को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। वर्ष 1984 में तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त ने मामले की जांच के बाद निजी पक्ष के दावे को खारिज करते हुए रैयतों के पक्ष में फैसला सुनाया था। इसके बावजूद पुराने आदेश की अनदेखी करते हुए नई कार्रवाई किए जाने को उन्होंने नियमों के विपरीत बताया।

रैयतों की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने दलील दी कि दशकों पुराने राजस्व रिकॉर्ड और कब्जे की स्थिति को नजरअंदाज कर एकतरफा तरीके से जमाबंदी रद्द करना कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर हाईकोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल एसडीओ के आदेश के अमल पर रोक लगा दी है और स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक जमीन की मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। कोर्ट के इस अंतरिम फैसले से 118 रैयतों को राहत मिली है, जबकि पूरे मामले में राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा गया है। अब अगली सुनवाई में अदालत मामले की आगे की दिशा तय करेगी।

Enjoying this post?

Subscribe to Janhitmail to get deep dives like this delivered directly to your inbox .

AD

admin

Editor in Chief

Janhitmail Editorial Team & Administrator.

More from Janhitmail

No other posts found.