रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने अस्थायी और तदर्थ (एडहॉक) कर्मचारियों के हित में अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि लंबे समय तक सेवा देने वाले पात्र कर्मचारियों को केवल स्थायी नियुक्ति न होने के आधार पर पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि 15 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले अस्थायी कर्मचारी भी पेंशन के हकदार हैं, जबकि राज्य सरकार ने नियमों का हवाला देते हुए इसका विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सुप्रीम कोर्ट और पूर्व न्यायिक फैसलों का संदर्भ देते हुए पात्र अस्थायी कर्मचारियों को पेंशन लाभ देने का आदेश दिया। यह फैसला लंबे समय से सेवा दे रहे हजारों अस्थायी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
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