आजमगढ़: दीदारगंज थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी और अस्तित्वहीन मदरसे के नाम पर फर्जी दस्तावेज (कूटरचित अभिलेख) तैयार कर सरकारी अनुदान का गबन करने वाले वांछित आरोपी जितेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जितेंद्र सिंह दीदारगंज थाना क्षेत्र के शेखवलिया गांव का निवासी है और लंबे समय से फरार चल रहा था।
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, 19 फरवरी 2025 को राज्य विशेष अपराध अनुसंधान दल (SIT), मुख्यालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निरीक्षक केबीपी सिंह की तहरीर पर दीदारगंज थाने में धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि फूलपुर के पाइन्दापुर ग्राम में ‘गफ्फरुल ओलूम’ नाम का एक मदरसा कागजों पर दिखाया गया था, जो असलियत में था ही नहीं। इस अस्तित्वहीन मदरसे के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उठाया गया और सरकारी बजट का बड़ा गबन किया गया।
पुलिस के मुताबिक, इस बड़े घोटाले में मदरसे के तथाकथित प्रबंधक, शिक्षक और इसे फर्जी तरीके से मान्यता देने वाले संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है, जिनकी जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान फरार चल रहे आरोपी जितेंद्र सिंह चौहान की पुलिस लगातार तलाश कर रही थी, जिसे अब दबोच लिया गया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।
Enjoying this post?
Subscribe to Janhitmail to get deep dives like this delivered directly to your inbox .