काशीपुर। प्रतापपुर क्षेत्र में कार के अंदर खून से लथपथ मिले टेंट कारोबारी संजीव कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि संजीव की हत्या किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पत्नी निशा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। वारदात को अंजाम देने में दुकान पर काम करने वाले दो किशोरों का इस्तेमाल किया गया।
पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से मामले की कड़ियां जोड़ीं। पूछताछ और जांच के दौरान पत्नी और किशोर के बीच प्रेम संबंध की बात सामने आई। पुलिस का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होते थे, जिसके बाद संजीव को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।
एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, 16 अगस्त को एक किशोर ने जन्मदिन मनाने के बहाने संजीव से रामनगर घूमने चलने की बात कही। दोनों किशोर संजीव की कार में उसके साथ रामनगर गए। वापसी के दौरान राजपुर रोड, थारी के पास कार में पीछे बैठे एक किशोर ने 12 बोर के तमंचे से संजीव की गर्दन पर सटाकर गोली चला दी।
गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित होकर खेत में जा गिरी। वारदात के बाद दोनों किशोर मौके से फरार हो गए और संजीव को कार में ही छोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले रामनगर में भी हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। बाद में संजीव के नशे में होने का फायदा उठाकर उसकी हत्या कर दी गई।
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी किशोर ने संजीव की पत्नी निशा को मैसेज भेजकर काम पूरा होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने इसी तरह के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। निशा के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों में अंतर मिलने के बाद पुलिस का शक गहरा गया।
17 अगस्त को कार में संजीव का शव मिलने के बाद शुरुआती जांच में गले पर चोट के निशान भी संदिग्ध पाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।
पुलिस और एसओजी की टीम ने दोनों किशोरों को मालवा फार्म पुलिया के पास से पकड़ा। उनकी निशानदेही पर 12 बोर का तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और खून से सने कपड़े बरामद किए गए। पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा को भी गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, अवैध संबंध करीब एक साल से चल रहे थे और इसकी जानकारी संजीव को नहीं थी। हत्या के लिए इस्तेमाल तमंचा करीब एक महीने पहले खरीदा गया था। पुलिस अब हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी तलाश कर रही है।
दोनों किशोरों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच में उनकी उम्र नाबालिग पाए जाने के बाद उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपितों और हथियार सप्लायर की भूमिका की भी जांच कर रही है।
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