नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (आरके पुरम एनडीआर यूनिट) ने मानव तस्करी और पोक्सो (POCSO) एक्ट के मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक लाख रुपये के इनामी मुख्य आरोपी मोहम्मद फिरोज को गिरफ्तार कर लिया है। डीजीपी क्राइम ब्रांच चंद्र कुमार सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी से सघन पूछताछ की जा रही है।
यह पूरा मामला साल २०२३ में दिल्ली के गोविंदपुरी थाने में दर्ज हुआ था। मूल रूप से मुजफ्फरपुर (बिहार) का रहने वाला आरोपी मोहम्मद फिरोज (४६) गुरुग्राम के उद्योग विहार की एक फैक्ट्री में काम करता था। इसी दौरान वह तुगलकाबाद एक्सटेंशन में पर्स बनाने का काम सीख रही एक नाबालिग किशोरी के संपर्क में आया। आरोप है कि फिरोज ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया और शादी का झांसा देकर अलग-अलग स्थानों पर उसका यौन शोषण किया। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने बाद में दो लाख रुपये लेकर उस नाबालिग की शादी राजस्थान के झुंझुनू में किसी अन्य व्यक्ति से करा दी।
किशोरी के लापता होने के बाद परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाई थी, जिसके बाद मुस्तैद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता को सुरक्षित रेस्क्यू किया। मेडिकल जांच में नाबालिग के यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद मामले में पोक्सो एक्ट और मानव तस्करी की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। तब से ही मुख्य आरोपी फिरोज फरार चल रहा था और उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। आखिरकार, क्राइम ब्रांच ने टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों से मिली सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी फिरोज को गुरुग्राम से दबोच लिया।
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