नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने देश के निर्यातकों (Exporters) को निशाना बनाने वाले एक हाईटेक धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर उसके मालिक प्रदीप कुमार और मुख्य आरोपी सम्मी कुमार गिरी समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में 14 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं।
नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली लगातार शिकायतों के बाद जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो ‘INDIA2EXPORTS.COM’ नाम की एक फर्जी वेबसाइट का पता चला। यह गिरोह सीधे उन भारतीय व्यापारियों को निशाना बनाता था जो अपना सामान विदेशों में बेचना चाहते थे।
विश्वास जीतने के लिए आरोपी अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप (WhatsApp) नंबरों का इस्तेमाल करते थे और खुद विदेशी खरीदार (Foreign Buyers) बनकर पीड़ितों से नकली चैटिंग करते थे।
निर्यातकों को बड़े विदेशी ऑर्डर और एक्सपोर्ट सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर यह गिरोह अलग-अलग चरणों में पैसे ऐंठता था:
पंजीकरण शुल्क: ₹5,000
सर्विस पैकेज: ₹19,780
ग्लोबल GAP व अन्य सर्टिफिकेट: ₹41,300 अतिरिक्त
जैसे ही पीड़ित यह पूरी रकम ट्रांसफर कर देते, आरोपी तुरंत अपने सभी नंबर बंद कर गायब हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, अब तक दर्ज हुई 19 शिकायतों में यह गिरोह करीब 10,57,780 रुपये की ठगी कर चुका है।
नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने जब कॉल सेंटर पर छापा मारा, तो वहां से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने मौके से 20 मोबाइल फोन, 35 सिम कार्ड, 6 लैपटॉप, 9 सीपीयू और एक डेबिट कार्ड जब्त किया है। फिलहाल बरामद डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि बाकी पीड़ितों का भी पता लगाया जा सके।
दिल्ली पुलिस की चेतावनी: सभी निर्यातक किसी भी ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर को पेमेंट करने से पहले उनकी साख (Credibility) की ठीक से जांच कर लें। किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
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