नई दिल्ली: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पुलिसकर्मियों और सरकारी अधिकारियों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मकोका (MCOCA) के तहत साकेत कोर्ट में 3000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच में सामने आया है कि गिरोह ने धमकी और ब्लैकमेलिंग के जरिए 10 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति अर्जित की थी।
पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना राजकुमार उर्फ राजू मीणा था, जो अपने साथियों के साथ मिलकर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाता था। आरोपी कथित तौर पर हिडन कैमरों और मोबाइल फोन की मदद से वीडियो रिकॉर्ड करते थे, जिन्हें बाद में एडिट कर संबंधित अधिकारियों को विभागीय कार्रवाई, निलंबन या कानूनी मामलों में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलते थे।
मामले में अब तक राजू मीणा, उसकी पत्नी और पेशे से वकील सुरेखा रानी समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अपराध से अर्जित धन को विभिन्न चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों और वाहनों में निवेश किया गया था। कई संपत्तियां सुरेखा रानी के नाम पर खरीदी गई थीं, जिनकी आय के स्रोत और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर पाया गया।
क्राइम ब्रांच की वित्तीय जांच में गिरोह की करोड़ों रुपये की संपत्तियों का पता चला है। पुलिस ने चार्जशीट में गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को शामिल किया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और छिपी हुई संपत्तियों की पहचान के लिए जांच अभी जारी है।
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