नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के न्यू कोंडली इलाके में स्थित एक सहकारी (कोऑपरेटिव) बैंक के डिप्टी मैनेजर को साइबर अपराधियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मैनेजर की पहचान पवित्र कुमार बिस्वाल के रूप में हुई है, जिसने जालसाजों से हाथ मिलाकर एक फर्जी ‘म्यूल अकाउंट’ (कमीशन पर इस्तेमाल होने वाला खाता) खुलवाया था। इस अकेले बैंक खाते के जरिए करीब 67.92 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज देश भर की 159 साइबर ठगी की शिकायतों के तार इसी खाते से जुड़े पाए गए हैं।
पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजीव कुमार ने बताया कि साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में जब इस मामले की जांच शुरू हुई, तो ‘महाकाल एंटरप्राइजेज’ के नाम से खुला यह खाता शक के दायरे में आया। यह खाता शैलेंद्र कुमार यादव नामक व्यक्ति के दस्तावेजों पर खोला गया था। हालांकि, जब पुलिस ने शैलेंद्र से पूछताछ की तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। शैलेंद्र ने बताया कि वह कभी बैंक गए ही नहीं और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। जांच में सामने आया कि शैलेंद्र की सहमति के बिना उनके पहचान-पत्रों का दुरुपयोग किया गया था।
बैंक रिकॉर्ड की गहराई से जांच करने पर पता चला कि इस फर्जी खाते को डिप्टी मैनेजर पवित्र कुमार बिस्वाल ने मंजूरी दी थी। पुलिस की कस्टडी में पूछताछ के दौरान बिस्वाल ने कबूल किया कि उसने न तो फर्म का कोई फिजिकल वेरिफिकेशन किया था और न ही दिए गए पते की जांच की थी। पुलिस ने आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।
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