सुनाम (पंजाब): संगरूर जिले के सुनाम के पास चीमा कस्बे से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ की अनाज मंडी में एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने एक पीटर रेहड़े (जुगाड़ वाहन) के अंदर खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की भयावहता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
अंतिम संस्कार की सामग्री लेकर घर से निकला था मृतक सुनाम के डीएसपी हरविंदर सिंह खैरा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सुबह चीमा अनाज मंडी में एक रेहड़े में भीषण आग लगने की सूचना मिली थी। जब तक पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब तक वाहन में सवार व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान गुरुद्वारा जन्म स्थान चीमा के पास रहने वाले गुरनैब सिंह उर्फ नैब सिंह (58) के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया कि नैब सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और गुरुघर की सेवा से जुड़े थे। उन्होंने आत्महत्या की तैयारी पहले ही कर ली थी। वारदात से एक दिन पहले ही उन्होंने अपने रेहड़े में सूखी लकड़ियां इकट्ठा की थीं। सुबह तड़के वह साइकिल से घर से निकले, निहंग छावनी के पास साइकिल खड़ी की और वहां से लकड़ियों से लदा रेहड़ा लेकर अनाज मंडी पहुंचे, जहाँ सुबह करीब 4:30 से 4:45 बजे के बीच उन्होंने खुद को आग के हवाले कर दिया।
सुसाइड नोट में मिला पैसों का हिसाब-किताब पुलिस को तलाशी के दौरान मृतक के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पत्र में गुरनैब सिंह ने लिखा कि वह अपने अंतिम संस्कार के लिए जरूरी सामग्री—जैसे लकड़ियां, तेल, डीजल, पेट्रोल और घी आदि अपने साथ ही लेकर जा रहा है। इसके साथ ही, सुसाइड नोट में उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ पैसों के लेनदेन का पूरा ब्योरा भी लिखा है, जिसे सुसाइड की मुख्य वजह माना जा रहा है।
डीएसपी खैरा के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह झुलस गया है। शिनाख्त की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट के लिए सिविल अस्पताल सुनाम के शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर लेनदेन के विवाद और मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।
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