सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, कई अवैध निर्माण और प्लॉटिंग ध्वस्त
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए सहसपुर और मसूरी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने नियमों का उल्लंघन कर विकसित की जा रही प्लॉटिंग तथा बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर स्पष्ट संदेश दिया कि विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शेरपुर में पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग पर चला बुलडोजर
एमडीडीए की टीम ने सहसपुर क्षेत्र के ग्राम शेरपुर में नया हाईवे के निकट सुनील एवं अन्य भू-स्वामियों द्वारा लगभग पांच बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग से संबंधित किए गए विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित पक्षों द्वारा प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त नहीं की गई थीं।
सेलाकुई में अवैध निर्माण भी किया गया ध्वस्त
इसी क्रम में शेरपुर स्थित सेटेनियल स्कूल के पीछे नया हाईवे, सेलाकुई क्षेत्र में सावेज द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी कार्रवाई की गई। एमडीडीए अधिकारियों ने निर्माण को नियमों के विरुद्ध पाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। सहसपुर क्षेत्र में की गई कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता अमन पाल, सुपरवाइजर सिद्धार्थ सेमवाल तथा पुलिस बल मौजूद रहा।
मसूरी रोड के कोलूखेत में भी कार्रवाई
एमडीडीए की एक अन्य टीम ने मसूरी रोड स्थित कोलूखेत क्षेत्र में कल्पना शर्मा, विक्रम रावत और विकास थापली द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त किया। प्राधिकरण के अनुसार संबंधित निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृतियों के अनुरूप नहीं पाया गया था, जिसके चलते नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अजय मलिक, अवर अभियंता अनुराग नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
लगातार चलाया जा रहा है अभियान
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग की शिकायतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पहले आवश्यक स्वीकृतियां अवश्य प्राप्त करें।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का कहना है कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित और नियमानुसार विकास सुनिश्चित करना है। अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग न केवल विकास की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में नागरिक सुविधाओं और आधारभूत ढांचे पर भी प्रतिकूल असर डालते हैं। सभी संबंधित व्यक्तियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाता है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य या भूमि विकास करने से पूर्व आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य वैधानिक कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का कहना है कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आ रहा है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अनुरोध है कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले प्राधिकरण की अनुमति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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