NEET-UG साल में एक से ज्यादा बार कराने की सिफारिश, छात्रों पर दबाव कम करने का सुझाव
नई दिल्ली। संसद की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) को वर्ष में एक से अधिक बार आयोजित कराने की सिफारिश की है। समिति का मानना है कि इससे छात्रों पर परीक्षा का दबाव कम होगा और किसी तकनीकी या प्रशासनिक त्रुटि के कारण उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित नहीं होगा।
समिति की बैठक में हाल ही में हुए नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक विवाद और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के अधिकारियों ने भी भाग लिया तथा मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
स्थायी समिति ने छात्रों की बढ़ती मानसिक परेशानियों और आत्महत्या के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की। समिति ने प्रभावित परिवारों की सहायता और छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बेहतर समर्थन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए।
अधिकारियों ने समिति को आश्वस्त किया कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। समिति का मानना है कि वर्ष में एक से अधिक बार नीट-यूजी आयोजित होने से छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे और एक ही परीक्षा पर निर्भरता कम होगी।
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