प्रेमनगर क्षेत्र में कॉलेज छात्रों को स्मैक सप्लाई करने की थी तैयारी, पुलिस ने 15.85 ग्राम स्मैक, पिस्टल और कारतूस किए बरामद
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत प्रेमनगर पुलिस ने दो कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य की स्मैक, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, प्रेमनगर क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान दो संदिग्ध युवकों बालिस्टर और अनुराग चौधरी को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से कुल 15.85 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक 32 बोर की पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन और एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं और पिछले तीन-चार महीनों से देहरादून के केहरी गांव में रह रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि स्मैक सहारनपुर के एक स्थानीय तस्कर से खरीदकर लाए थे और उसे प्रेमनगर व आसपास के क्षेत्रों में कॉलेजों, हॉस्टलों, पीजी और किराये के फ्लैटों में रहने वाले छात्रों को बेचने की योजना थी।
पुलिस पूछताछ में आरोपी बालिस्टर ने बरामद पिस्टल को अपना लाइसेंसी हथियार बताया। उसका कहना था कि वह इसे लोगों को डराने-धमकाने के लिए अपने साथ रखता था। पुलिस अब हथियार के लाइसेंस और उसके इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।
दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली प्रेमनगर में एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उनसे जुड़े नशा तस्करी के नेटवर्क और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
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