सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं सही इतिहास के दस्तावेजीकरण पर डीएम ने दिया जोर
बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने बागनाथ संग्रहालय का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं एवं अवशेष कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि संग्रहालय में स्थापित प्रत्येक प्रतिमा के साथ उसका विस्तृत परिचय, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं धार्मिक महत्व स्पष्ट रूप से अंकित किया जाए, ताकि आगंतुकों को सही एवं प्रामाणिक जानकारी प्राप्त हो सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक एवं धार्मिक धरोहरों का संरक्षण तभी सार्थक है, जब उनका इतिहास भी सही स्वरूप में भावी पीढ़ियों तक पहुंचे। उन्होंने प्रतिमाओं एवं अन्य प्रदर्शित सामग्री से संबंधित तथ्यों का विशेषज्ञों के माध्यम से सत्यापन कर प्रामाणिक जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संग्रहालय की सराहना करते हुए इसे जनपद की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संग्रहालय से संबंधित सभी अवशेष कार्य एवं आवश्यक औपचारिकताएं प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कर संग्रहालय को जल्द से जल्द आम जनता के लिए खोला जाए।
ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजय भारती ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत लगभग 66.90 लाख रुपये की लागत से संग्रहालय का निर्माण किया गया है। संग्रहालय में हिंदू धर्म के विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जो क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को प्रदर्शित करती हैं।
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