दिल्ली देहरादून: भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) उत्तराखंड सहित पूरे देश के करोड़ों गरीब परिवारों के लिए संजीवनी साबित हुई है। उन्होंने राज्यसभा में अतारांकित प्रश्न के माध्यम से योजना के तहत खाद्यान्न आवंटन, केंद्रीय सहायता, अपात्र लाभार्थियों की पहचान और डिजिटल सत्यापन व्यवस्था को लेकर सरकार से जानकारी मांगी थी।
केंद्र सरकार की ओर से दिए गए उत्तर के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में उत्तराखंड को पीएमजीकेएवाई के तहत 401.459 हजार टन खाद्यान्न प्रति वर्ष आवंटित किया गया। वहीं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के अंतर्गत खाद्यान्न परिवहन और उचित दर विक्रेताओं के मार्जिन के लिए राज्य को लगभग 250 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता प्रदान की गई।
सरकार ने बताया कि उत्तराखंड में राइटफुल टारगेटिंग अभियान के तहत करीब 8.5 लाख लाभार्थियों का सत्यापन किया गया, जिसमें 80,355 अपात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड सूची से हटाया गया। देशभर में लगभग 60 लाख लाभार्थियों की जांच के बाद 23.5 लाख अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया।
सरकार के अनुसार, लाभार्थियों के सत्यापन के लिए निर्मल रियल-टाइम सत्यापन आर्किटेक्चर के तहत कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, सीबीडीटी, पीएफएमएस, जीएसटीएन, परिवहन मंत्रालय, कृषि मंत्रालय, ईपीएफओ, गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, रेल मंत्रालय और डाक विभाग सहित विभिन्न विभागों के डेटाबेस को एकीकृत किया गया है।
इस डिजिटल व्यवस्था से स्वचालित सत्यापन और रिकॉर्ड के क्रॉस-वैलिडेशन के माध्यम से अपात्र लाभार्थियों की पहचान आसान हुई है। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता बढ़ी है, लाभार्थियों का डेटा अधिक सटीक हुआ है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी राशन का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
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