देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। देहरादून के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि बारिश के कारण नदी-नाले भी उफान पर हैं। पहाड़ों में भूस्खलन और मलबा आने से कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ सकती हैं। देहरादून और टिहरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है।
कुमाऊं मंडल में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिथौरागढ़ जिले में तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मलबा आने से पांच घंटे से अधिक समय तक यातायात प्रभावित रहा।
इसके अलावा अस्कोट-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग पर बेरीनाग और थल के बीच मलबा आने से कुछ समय के लिए आवाजाही बाधित हुई। थल-मुनस्यारी मार्ग पर ला-झेकला के पास डंपर फंसने के कारण सड़क करीब आठ घंटे तक बंद रही। इस दौरान कई वाहन रास्ते में फंसे रहे।
मौसम विभाग ने 18 से 20 अगस्त के बीच भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की घटनाओं का खतरा बना रहेगा। निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है। लोगों को मौसम को देखते हुए पहाड़ी मार्गों पर सफर के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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