अयोध्या के राम मंदिर दान गबन मामले की जांच में नया मोड़ सामने आया है। विशेष जांच दल (SIT) अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी की भूमिका से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल कर रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दान राशि के प्रबंधन, निगरानी और वित्तीय प्रक्रिया में कहीं कोई प्रशासनिक चूक या अन्य अनियमितता तो नहीं हुई। हालांकि अभी तक उनके खिलाफ किसी तरह की आपराधिक संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
SIT पहले से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, बैंक खातों, दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। इसी क्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है ताकि पूरे मामले की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके। इस बीच स्वामी गोविंद देव गिरी ने स्वयं पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी SIT से प्रगति रिपोर्ट मांग चुका है, जिससे जांच पर सभी की नजर बनी हुई है।
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