उत्तराखंड

नाबालिग से दुष्कर्म और निजी नर्सिंग होम में अवैध गर्भपात के प्रयास मामले में राज्य महिला आयोग सख्त

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिए कठोरतम विधिक कार्रवाई के निर्देश ​थाना सिडकुल में 14 वर्षीय पीड़िता को गर्भवती करने वाले दुष्कर्म के आरोपी 'समद' के विरुद्ध विधि-सम

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admin
2026-07-01
नाबालिग से दुष्कर्म और निजी नर्सिंग होम में अवैध गर्भपात के प्रयास मामले में राज्य महिला आयोग सख्त
नाबालिग से दुष्कर्म और निजी नर्सिंग होम में अवैध गर्भपात के प्रयास मामले में राज्य महिला आयोग सख्त

अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने दिए कठोरतम विधिक कार्रवाई के निर्देश

​थाना सिडकुल में 14 वर्षीय पीड़िता को गर्भवती करने वाले दुष्कर्म के आरोपी ‘समद’ के विरुद्ध विधि-सम्मत कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश

​रुड़की के निजी नर्सिंग होम में अवैध गर्भपात के प्रकरण पर जिलाधिकारी व सीएमओ को जनपद स्तरीय समिति गठित कर निष्पक्ष जांच के आदेश, गैर-कानूनी तथ्य मिलने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

बेटियों के साथ ऐसा अमानवीय कुकृत्य व जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों और कानून का उल्लंघन करने वाले केंद्रों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा : कुसुम कण्डवाल

​देहरादून/हरिद्वार- जनपद हरिद्वार के अंतर्गत एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी को डरा-धमकाकर दुष्कर्म करने, उसे २२ सप्ताह (लगभग 5 माह) की गर्भवती करने तथा तत्पश्चात रुड़की स्थित एक निजी नर्सिंग होम में अवैध गर्भपात कराए जाने के प्रयास का एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला प्रकाश में आया है। इस पूरे प्रकरण में जघन्य उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने तत्काल कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी हरिद्वार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक , एसपी देहात और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को त्वरित विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।

जानकारी के अनुसार पीड़ित पक्ष द्वारा थाना सिडकुल (रोशनाबाद) में दी गई तहरीर के अनुसार, १४ वर्षीय नाबालिग किशोरी के पेट में अचानक तेज दर्द होने पर परिजन उसे बहादराबाद सेंटर ले गए, जहां अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में उसके २२ सप्ताह की गर्भवती होने की पुष्टि हुई। पीड़िता द्वारा परिजनों को दी गई जानकारी के अनुसार, पूर्व से विवाहित और एक बच्चे के पिता, आरोपी समद पुत्र अशरद अली (निवासी: रावली महदूद) ने परिजनों की अनुपस्थिति में उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।

आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने नाबालिक के साथ दुष्कर्म के मामले में एसपी देहात हरिद्वार को फोन पर वार्ता के क्रम में निर्देश दिए हैं कि इस कुकृत्य को अंजाम देने वाले आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत कड़ी धाराओं में नियमानुसार कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाए।

वहीं प्रकरण के दूसरे गंभीर पहलू के अनुसार, उक्त अवैध गर्भावस्था को छुपाने के उद्देश्य से रुड़की (रामपुर चुंगी) स्थित एक निजी नर्सिंग होम में पीड़िता का अवैध गर्भपात कराने का प्रयास भी सामने आया है। इस संबंध में आयोग की अध्यक्ष ने जिलाधिकारी हरिद्वार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया है कि उक्त निजी नर्सिंग होम की भूमिका की जांच हेतु तत्काल एक ‘जनपद स्तरीय संयुक्त जांच समिति’ का गठन किया जाए। अध्यक्ष ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस पूरे मामले की गहनता से निष्पक्ष जांच कराई जाए, और यदि जांच में उक्त निजी क्लिनिक या किसी भी चिकित्साकर्मी के स्तर पर कोई भी अवैध अथवा गैर-कानूनी गतिविधि या तथ्य पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध तत्काल नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, कृत कार्रवाई की आख्या आयोग को भी प्रेषित की जाए।

​मामले पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हमारी बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उनके जीवन से खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। एक १४ वर्षीय अबोध बालिका को डरा-धमकाकर उसका शारीरिक व मानसिक शोषण करना और फिर कानून को ताक पर रखकर अवैध गर्भपात का प्रयास करना अत्यंत जघन्य अपराध है। इस प्रकार का अमानवीय कुकृत्य करने वाले दुष्कर्म के अपराधी और इस अवैध कृत्य में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी दोषी को कानूनन कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। आयोग पीड़ित बेटी के स्वास्थ्य, सुरक्षा और उसे न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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