भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नशीली कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने बहुचर्चित 49,920 बोतल ‘ऑनरेक्स कफ सिरप’ की बरामदगी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 30 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ था, लेकिन जैसे ही वह अपने एक परिचित से मिलने बैतूल पहुंचा, एसटीएफ ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
दिखावे की दुकान और ड्रग लाइसेंस का खेल
एसटीएफ भोपाल के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया के मुताबिक, गांधी नगर इलाके में चल रही अवैध कफ सिरप फैक्ट्री के भंडाफोड़ के बाद अर्जुन मालवीय का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि बागसेवनिया स्थित सुरेंद्र पैलेस में ‘अर्जुन ट्रेडर्स’ के नाम से एक ड्रग लाइसेंस लिया गया था। आरोपी इसी लाइसेंस की आड़ में कफ सिरप की खरीद-बिक्री के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहा था। हालांकि, जब एसटीएफ ने दुकान पर छापा मारा, तो वहां कफ सिरप की एक भी शीशी नहीं मिली। यह दुकान सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अवैध काले कारोबार को वैध रूप देने के लिए खोली गई थी।
5 दिन की पुलिस रिमांड, स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अर्जुन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एसटीएफ अब उससे पूरी सप्लाई चेन, वित्तीय लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।
इस बड़े खुलासे के बाद गांधी नगर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस इलाके में इतने बड़े पैमाने पर नशीली सिरप की अवैध फैक्ट्री चल रही थी, वहां की स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस लापरवाही को लेकर अब स्थानीय खुफिया तंत्र और पुलिस गश्त पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
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