बिना वैध दस्तावेज के रखे गए नशीले कैप्सूल, पूछताछ में नशे के आदी लोगों को बेचने की बात कबूली
देहरादून। उत्तराखंड में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), एएनटीएफ, औषधि निरीक्षक और सहसपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात सहसपुर और विकासनगर क्षेत्र में मेडिकल स्टोरों पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान धर्मावाला चौक स्थित एक मेडिकल स्टोर से ट्रामाडोल युक्त नशीले कैप्सूल बरामद होने पर स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया।
संयुक्त टीम ने जांच के दौरान सांई मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया। स्टोर संचालक जोनी सैनी (37 वर्ष) ने अपना औषधि विक्रय लाइसेंस तो प्रस्तुत किया, जो प्रथम दृष्टया वैध पाया गया, लेकिन दुकान की तलाशी के दौरान गल्ले के नीचे रखे प्लास्टिक कंटेनर से SPASMED ब्रांड के 14 पत्ते (कुल 112 ट्रामाडोल युक्त कैप्सूल) बरामद हुए।
जब अधिकारियों ने ट्रामाडोल युक्त दवाओं के खरीद-बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड मांगा तो संचालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह नशे के आदी लोगों को ये कैप्सूल फुटकर में बेचकर अवैध रूप से मुनाफा कमाता था।
इसके बाद पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक को मौके से गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत सहसपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस अब इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और नशीली दवाओं की सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है।
एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने आमजन से अपील की है कि नशे से दूर रहें और नशा तस्करी जैसी गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस या एसटीएफ को दें। अधिकारियों ने कहा कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बरामदगी
SPASMED (ट्रामाडोल युक्त) के 14 पत्ते
कुल 112 नशीले कैप्सूल
Enjoying this post?
Subscribe to Janhitmail to get deep dives like this delivered directly to your inbox .