देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्तरीय नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (NCORD) की 12वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने, मामलों के शीघ्र निस्तारण और जनपद स्तर पर नियमित NCORD बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि व्यावसायिक मात्रा में पकड़े गए मादक पदार्थों के मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए तथा जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से जनपदों की स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में ड्रग डिटेक्शन किट्स के लिए मानक तय करने, बंद पड़े डी-एडिक्शन सेंटरों को पुनः संचालित करने और जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों व उप जिला अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्रों के लिए समर्पित बेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी नए डी-एडिक्शन सेंटर स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा गया कि फंडिंग की कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्य सचिव ने निजी डी-एडिक्शन सेंटरों का निरीक्षण कर मानकों के अनुरूप उनका पंजीकरण एवं प्रमाणन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए।
स्कूली बच्चों और युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग क्लब गठित करने तथा स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रदेश में मादक पदार्थों के उपयोग पर व्यापक सर्वे कराने पर भी बल दिया गया।
बैठक में डीजी इंटेलीजेंस अभिनव कुमार, सचिव शैलेष बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनंद भारणे, अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।
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