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वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!

चमोली (उत्तराखंड): चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के समीप स्थित अपर चमोली-खेनुरी मोटर मार्ग पर जल्द ही सुधारीकरण और डामरीकरण का कार्य शुरू होने जा रहा है। पिछले क

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2026-08-03
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!
वर्षों से जिस सड़क की समस्या का नहीं हो पाया था समाधान। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष के प्रयासों से मुख्यमंत्री धामी ने लिया संज्ञान!

चमोली (उत्तराखंड): चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के समीप स्थित अपर चमोली-खेनुरी मोटर मार्ग पर जल्द ही सुधारीकरण और डामरीकरण का कार्य शुरू होने जा रहा है। पिछले कई वर्षों से बदहाली झेल रहे इस मार्ग की दशा और दिशा अब बदलने वाली है। प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष एवं स्थानीय ग्राम प्रधान योगिता कैंतुरा रावत के सतत प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस सड़क मार्ग के कायाकल्प पर अपनी पक्की मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश मिलते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

2,000 की आबादी और 15 सालों का संघर्ष

वर्ष 2011 में निर्मित यह लगभग 09 किलोमीटर लंबा मोटर मार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा है। यह सड़क 2,000 से अधिक आबादी वाले गांवों को सीधे जिला मुख्यालय गोपेश्वर से जोड़ती है। हालांकि, बीते एक दशक से अधिक समय से उचित रखरखाव न होने के कारण सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी थी।

सड़क की दयनीय हालत के कारण:

  • स्वास्थ्य व शिक्षा पर असर: मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर अस्पताल पहुंचाना बेहद जोखिम भरा हो गया था। स्कूली बच्चों को भी आवागमन में खासी परेशानी झेलनी पड़ रही थी।

  • भू-धंसाव का बढ़ा खतरा: उचित जल निकासी (ड्रेनेज) न होने के कारण बारिश का पानी सड़क और ढलानों पर रिस रहा था। इसके चलते अब पूरा गांव भू-धंसाव की जद में आने लगा था, जिससे ग्रामीणों के मकानों पर संकट मंडरा रहा था।

योगिता कैंतुरा रावत की पहल और CM का त्वरित एक्शन

गांव पर मंडराते खतरे और ग्रामीणों की रोजाना की तकलीफों को देखते हुए ग्राम प्रधान एवं प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत ने मोर्चा संभाला। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर उन्हें इस 09 किमी लंबे मार्ग की भयावह स्थिति से अवगत कराया।

मामले की संवेदनशीलता और भू-धंसाव के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री धामी ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने चमोली जिले के आला अधिकारियों और लोक निर्माण विभाग (PWD) को मौके का निरीक्षण करने और सड़क का तत्काल सुधारीकरण व डामरीकरण करने के सख्त निर्देश दिए।

धरातल पर उतरी कार्रवाई

मुख्यमंत्री के निर्देश के तुरंत बाद रविवार को ही PWD की तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और पूरे मोटर मार्ग का विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों, ड्रेनेज सिस्टम और भू-धंसाव संभावित क्षेत्रों का आंकलन किया, ताकि जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके।

योगिता कैंतुरा रावत का बयान: “यह सड़क हमारे क्षेत्र का मुख्य आधार है। जैसे ही मैंने मुख्यमंत्री जी के संज्ञान में इस समस्या को रखा, उन्होंने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। इस जनहितैषी निर्णय के लिए हम समस्त क्षेत्रवासी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी का आभार व्यक्त करते हैं।”

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