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उज्जैन डबल मर्डर केस का खुलासा, दामाद ने भाई के साथ मिलकर की थी सास और उसके साथी की हत्या

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना राघवी पुलिस ने महुडीपुरा रोड पर मिले एक महिला और पुरुष के शवों की गुत्थी को सुलझाते हुए

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admin
2026-06-20
उज्जैन डबल मर्डर केस का खुलासा, दामाद ने भाई के साथ मिलकर की थी सास और उसके साथी की हत्या
उज्जैन डबल मर्डर केस का खुलासा, दामाद ने भाई के साथ मिलकर की थी सास और उसके साथी की हत्या

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां थाना राघवी पुलिस ने महुडीपुरा रोड पर मिले एक महिला और पुरुष के शवों की गुत्थी को सुलझाते हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी (मृतका के दामाद) और उसके सगे भाई को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

राघवी थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह बन्देवार ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि बीते 18 जून को ग्राम महुडीपुरा रोड पर स्थित एक खेत की मेड़ से बैलाखेड़ा निवासी कालूराम वर्मा (40 वर्ष) और मंजुबाई शर्मा (42 वर्ष) के शव बरामद हुए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जब हत्या की पुष्टि हुई, तो पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी।

 मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली सूचनाओं का विश्लेषण किया, तो तीन संदिग्धों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरखेड़ा बुजुर्ग निवासी अनिल (24 वर्ष) और उसके भाई कालूराम (28 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, नवदुर्गा कॉलोनी निवासी उनका साथी रफीक (46 वर्ष) अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

 पुलिस पूछताछ में हत्या की जो वजह सामने आई, वह बेहद हैरान करने वाली है। पुलिस के अनुसार, मृतका मंजुबाई के कालूराम वर्मा के साथ संबंध थे। मंजुबाई की बेटी की शादी आरोपी अनिल से हुई थी, लेकिन शादी के बाद अनिल की पत्नी बार-बार अपने मायके चली जाती थी। अनिल के बार-बार समझाने के बावजूद मंजुबाई और उसके परिवारवाले बेटी को ससुराल भेजने के लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से गहरा विवाद और तनाव चल रहा था।

इसी रंजिश के चलते अनिल ने अपने भाई कालूराम और साथी रफीक के साथ मिलकर दोनों को रास्ते से हटाने का खौफनाक षड्यंत्र रचा और मौका देखकर मंजुबाई व कालूराम वर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस फरार आरोपी रफीक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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