आजकल कम उम्र में भी हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई लोग संतुलित और हेल्दी डाइट लेने के बावजूद बढ़ते बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) से परेशान रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे सिर्फ खानपान ही नहीं, बल्कि कई अन्य कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं, जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।
दिल को स्वस्थ रखने के लिए केवल हेल्दी भोजन करना ही काफी नहीं होता। शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के पीछे आनुवंशिक कारण, निष्क्रिय जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी और प्रोसेस्ड फूड जैसी कई आदतें अहम भूमिका निभाती हैं। आइए जानते हैं वे प्रमुख कारण, जिनकी वजह से एलडीएल का स्तर बढ़ सकता है।
1. आनुवंशिक कारण भी बन सकते हैं वजह
कुछ लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या परिवार से ही मिलती है। इस स्थिति को फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया कहा जाता है, जिसमें शरीर खून से एलडीएल को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाता। ऐसे लोगों को नियमित जांच और डॉक्टर की निगरानी में रहना चाहिए।
2. शारीरिक गतिविधि का अभाव
घंटों बैठे रहना और नियमित व्यायाम न करना शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के स्तर को कम कर सकता है। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। रोजाना 30 से 45 मिनट की वॉक, योग या किसी भी तरह की फिजिकल एक्टिविटी फायदेमंद साबित हो सकती है।
3. ज्यादा फैट वाला भोजन
घी, मक्खन, तला-भुना भोजन, बेकरी उत्पाद और ट्रांस फैट से भरपूर खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन एलडीएल को बढ़ा सकता है। हेल्दी फैट भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, क्योंकि जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
4. तनाव और अपर्याप्त नींद
लगातार तनाव रहने से शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो फैट मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं। वहीं पर्याप्त नींद न लेने से शरीर की रिकवरी प्रक्रिया बाधित होती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का संतुलन बिगड़ सकता है। इसलिए रोजाना 7–8 घंटे की अच्छी नींद लेना जरूरी है।
5. प्रोसेस्ड फूड और छिपी हुई शुगर
पैकेज्ड फूड, मीठे पेय, एनर्जी ड्रिंक्स और इंस्टेंट स्नैक्स में मौजूद अतिरिक्त शुगर, प्रिजर्वेटिव और एडिटिव्स शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं। बेहतर होगा कि भोजन में ताजे, प्राकृतिक और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाए।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य सलाह पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या उपचार के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
(साभार)
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