प्रयागराज: राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) प्रयागराज को मंगलवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने प्रयागराज जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक पर घेराबंदी करके एक ऐसे अंतरराज्यीय शातिर ठग को दबोचा है, जो देश के सबसे व्यस्त रेलमार्गों पर सफर कर मासूम यात्रियों और व्यापारियों को नकली नोट थमाकर चूना लगाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से 500-500 रुपये के कुल ₹50 लाख मूल्य के नकली नोट बरामद किए हैं।
पकड़ा गया आरोपी रामनिवास (20 वर्ष) मूल रूप से राजस्थान के बीकानेर जिले के नापासिर थाना क्षेत्र (गजरूप देसर) का निवासी है। जीआरपी के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस टीम प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर मुस्तैद थी। इसी दौरान दिल्ली साइड एंड की तरफ दोपहर करीब 1:15 बजे एक युवक संदिग्ध बैग के साथ बैठा दिखा, जिसने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर पकड़ लिया। जब बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें सफेद पारदर्शी प्लास्टिक में पैक 500-500 रुपये के जाली नोटों के 10 बड़े बंडल मिले।
जीआरपी प्रयागराज के प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह ने आरोपी के खौफनाक नेटवर्क और तौर-तरीकों का खुलासा किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से यह नकली नोट लाता था और दिल्ली-प्रयागराज-कोलकाता रूट की ट्रेनों में सफर करता था। लोगों को शक न हो, इसलिए वह नोटों को इस तरह पारदर्शी प्लास्टिक में पैक करता था कि वे बिल्कुल बैंक की नई गड्डियां लगें। सफर के दौरान वह सीधे-साधे यात्रियों या लालची लोगों को अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाता था और किसी मजबूरी का बहाना बनाकर या सस्ते में नोट बदलने का झांसा देकर नकली नोट थमा देता था। बदले में वह उनसे असली नकदी लेकर रफूचक्कर हो जाता था।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपी इस अवैध धंधे से कमाए गए पैसों को अपनी ऐशोआराम की जिंदगी और महंगे शौक पूरे करने में उड़ाता था। जीआरपी थाना प्रयागराज में आरोपी रामनिवास के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब दिल्ली के पहाड़गंज वाले कनेक्शन और इस रैकेट के अन्य सहयोगियों की तलाश में जुट गई है।
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