जमशेदपुर: मानगो के ओलीडीह ओपी क्षेत्र में मंगलवार रात को महज 1500 रुपये के पुराने बकाए को लेकर एक 21 वर्षीय युवक देवदास गौड़ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर इस खूनी खेल का पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी व जमीन कारोबारी नीरज प्रधान, उसके भाई शिवा गौड़ और मृतक के सगे चचेरे भाई देवाशीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल थार कार, देशी पिस्तौल और खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं।
पटमदा डीएसपी दयानंद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मृतक देवदास अपने चचेरे भाई देवाशीष के साथ शंकोसाई रोड नंबर चार स्थित आरोपी नीरज प्रधान के घर गया था। वहां चारों ने एक साथ बैठकर शराब पी। नशा बढ़ने पर देवदास और नीरज के बीच 1500 रुपये के लेन-देन को लेकर नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि नीरज ने शिवा की देशी पिस्तौल निकालकर देवदास की गर्दन पर बेहद करीब से गोली दाग दी।
गोली चलने के बाद घबराए आरोपी सबूत मिटाने की नीयत से गंभीर रूप से घायल देवदास को अपनी थार कार में लादकर एमजीएम (MGM) अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने नाजुक हालत देखते हुए उसे तुरंत टीएमएच (टाटा मेन हॉस्पिटल) ले जाने की सलाह दी। लेकिन पुलिस के डर से आरोपियों ने समय बर्बाद किया और अत्यधिक खून बह जाने के कारण बुधवार तड़के देवदास की मौत हो गई।
अस्पताल से सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को आरोपियों ने गुमराह करने की कोशिश की और बार-बार घटनास्थल बदलते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया, जिसने सख्ती से पूछताछ कर सच उगलवा लिया। इस मामले में शुरुआत में एक एएसआई (ASI) का नाम सामने आने से हड़कंप मचा था, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने साफ किया कि उनकी इस हत्याकांड में कोई संलिप्तता नहीं है और उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। मृतक देवदास सरायकेला-खरसावां के राजनगर का रहने वाला था और अपने बूढ़े माता-पिता का इकलौता सहारा था।
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